| 23 जून, 1985 : नीमा संग राजेश : सेंधवा,मप्र |
| 1986 : होशंगाबाद |
और यह सच भी है। सत्ताईस में से लगभग साढ़े तेईस साल हम साथ रहे हैं। फिर ऐसा समय आया कि दूर-दूर रहने को विवश होना पड़ा।
आजीविका के पीछे मैं बंगलौर चला आया और नीमा रह गईं वहीं भोपाल में बेटों के साथ।