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Tuesday, January 10, 2012

अनुपम कविताएं


बहुत दिनों से
नहीं हुई मुलाकात
अपने से
किसी ने कहा-
अपने बारे में कहो।
मैंने कहा-
मैं थी... थी... थी..
                (साक्षात्‍कार)

यह परिचय है अनुपमा तिवाड़ी का। उनसे मिले बहुत समय नहीं बीता। कोई छह महीने पुरानी पहचान है। पहली मुलाकात में ही वे बातचीत में अपनी कविताओं को कोट करती हुईं,प्रस्‍तुत हुईं थीं। यह मुलाकात उनसे राजस्‍थान में सुदूर टोंक में हुई थी। दूसरी मुलाकात में वे अपने पहले कविता संग्रह के साथ बंगलौर में मेरे सामने थीं। कुछ संयोग ऐसा है कि हम दोनों एक ही संस्‍थान में कार्यरत हैं।